बहुत याद करती हूँ
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माँ तुम्हें मैं बहुत याद करती हूँ,
असीमित प्यार के भण्डार को याद करती हूँ |
तुम्हारे हाथों की गर्माहट को याद करती हूँ,
तुम्हारी आँखों के भावों को याद करती हूँ,
तुम्हारी प्यारी मुस्कुराहट को याद करती हूँ,
मुझे ‘बेटी’ कह कर पुकारने को याद करती हूँ,
मेरे अनकहे बोलों को समझने को याद करती हूँ |
मेरी गलतियों को भूल जाने को याद करती हूँ,
मेरी हर बात को मान देने को याद करती हूँ,
मुझे जानने के एहसास को याद करती हूँ,
मेरे साथ होने के संतोष को याद करती हूँ,
तुम सब जानती हो, उस भरोसे को याद करती हूँ |
तुम्हारे साये में बैठने को याद करती हूँ,
तुम्हारे किस्से कहानियों को याद करती हूँ,
तुम्हारे सुझावों सलाहों को याद करती हूँ,
बात-बात में बात कह देने को याद करती हूँ,
तुम्हारी सरल जीवनशैली को याद करती हूँ |
सालों ही बीत गए तुम्हें देखे हुए,
तुम्हारे होने की अनुभूति को याद करती हूँ |
माँ मैं तुम्हें बहुत याद करती हूँ |
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Hunsali Organic Farm and Farmstay
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Our daughter was asked to make a report on a dairy or a poultry farm as
part of her school holidays homework. While browsing through some of the
dairy far...

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